BAAL JHAROKHA SATYAM KI DUNIYA HAM NANHE MUNNON KA

Sunday, April 1, 2012

तितली रानी की मनमानी


तितली रानी की मनमानी 

ट्विंकल  बैठा पहरा देने 
करने फुलवारी रखवाली 
आज चलने दूंगा तितली 
तेरी कोई भी मनमानी 
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दिन भर मेहनत मै करता हूँ 
फूल लगाता और सींचता 




(all the photos taken from google/net with thanks)
तुम पराग मधु खुश्बू लेकर 
उड़ जाती हो यहाँ वहां 
पीछे पीछे दौड़ भाग मै 
रहूँ बैठ बस यहाँ खीझता 
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रंग विरंगी तितली आयीं 
सब को वो दौडाता 

हाँफ हाँफ कर फूल छिपाता 
चिपक चिपक पौधों से जाता 
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माँ निकली फिर हँस हँस खोयी 
बालक की नादानी 
प्यार से चूमा माथा उसका 
कहने लगी कहानी 
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चिड़िया सरिता का पानी पीती 
सरिता कभी ना घटती 
तुम इतना पढ़ते रटते हो 
क्या विद्या है घटती ??
दान पुन्य पुरुषार्थ सभी  
खर्च किये है बढ़ता 
तितली खुश्बू मधु ले जाती 
खुश्बू सुन्दरता ना घटती 
ऐसे ही हम बड़े लोग भी 
"रक्त-दान" करते हैं 
देखो कितना जोश भरे है 
और मरीज को होश दिए है 
"खून" हमारा फिर बढ़ जाता 
सब का जीवन भी बच जाता 

ट्विंकल मन में फिर खुश होकर 
तितली के संग खेला 
और लगाए फूल थे जी भर 
भर उमंग फिर उसको सींचा 
रंग बिरंगी तितली आयीं 
और लगा फिर मेला 
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शुक्ल भ्रमर  
.४५-.०४ पूर्वाह्न 
१५.११.२०११ मंगलवार 
यच पी 




बच्चे मन के सच्चे हैं फूलों जैसे अच्छे हैं मेरी मम्मा कहती हैं तुझसे जितने बच्चे हैं सब अम्मा के प्यारे हैं --

8 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुंदर बाल गीत

ऋता शेखर मधु said...

बाल कविता में छुपे बड़े बड़े संदेश!

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीया संगीता जी ये बाल गीत आप को प्यारा लगा बच्चों के लिए आप का समर्पण और त्वरित प्रतिक्रिया से मन खुश हुआ
आभार
भ्रमर ५

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

आदरणीया ऋता शेखर मधु जी अभिवादन इस बाल गीत में आप ने छुपे सन्देश देखे कविता बच्चों की ये आप को प्यारी लगी सुन हर्ष हुआ
आभार
भ्रमर ५

चैतन्य शर्मा said...

अच्छी लगी प्यारी सी कविता.....

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय चैतन्य जी बड़े दिन बाद आप का मुस्काता चेहरा दिखा मन अभिभूत हुआ आते रहना ..
जय श्री राधे
भ्रमर ५

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत संवेदनशील रचना,बहुत ही सुंदरप्रस्तुति

आपका

सवाई सिंह{आगरा }

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

प्रिय सवाई सिंह जी जय श्री राधे , रचना पर आप का प्रोत्साहन मिला ख़ुशी हुयी -आभार
भ्रमर ५