BAAL JHAROKHA SATYAM KI DUNIYA HAM NANHE MUNNON KA

Monday, June 27, 2011

कलम हमारी कितनी प्यारी

कलम हमारी कितनी प्यारी 
(all photo's taken with thanks from google/net)
आज्ञाकारी होती
जो चाहो सब कुछ लिख देती
भालू बन्दर शेर मोर सब
जंगल यहीं बना देती
आसमान बादल पंछी सब
गगन सितारे ला देती

पर्वत झरने घाटी नदिया



सागर यहाँ बना देती
गाँव कृषक ताऊ चाचा या
(photo by kavita shukla)

मामा नानी को चिट्ठी भी
प्यारा प्यारा लिख देती
परियां सपने रंग बिरंगे
कलियाँ फूल बना देती

अम्मा की गोदी में हँसता
बच्चा सदा -बना जाती
रात रात भर जागें संग में
बगल में मेरे सो जाती !!

शुक्ल भ्रमर ५
२६.०६.२०११ जल पी बी 



बच्चे मन के सच्चे हैं फूलों जैसे अच्छे हैं मेरी मम्मा कहती हैं तुझसे जितने बच्चे हैं सब अम्मा के प्यारे हैं --

7 comments:

चैतन्य शर्मा said...

बहुत सुंदर ...

upendra shukla said...

bahut accha

dipak kumar said...
This comment has been removed by the author.
dipak kumar said...

very nice post
hamare blog me bhi aaye chhotawriters.blogspot.com

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

चैतन्य जी धन्यवाद है न कलम हमारी बहुत प्यारी

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

उपेन्द्र शुक्ल जी प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद

Surendra shukla" Bhramar"5 said...

दीपक जी कविता -कलम की महिमा को आप ने सराहा -हम आये थे आप के ब्लॉग पर सुन्दर कहानियां