ऊपर दिखता कुछ है मम्मी
अन्दर में कुछ होता
(both photos taken from 123RF.com /googal/net with thanks)
जैसे हरा है ऊपर दिखता
लाल रंग अन्दर तरबूजा
ऊपर जितना ये कठोर है
कोमल अन्दर नरम भरा
तिक्त है ऊपर -रस तो इसका
मीठा अन्दर भरा हुआ
मन मेरा भी मधुर मधुर हो
शीतल सब को कर जाये
आओ गुण देखे हम उसके
बाह्य दिखावे पर ना जाएँ !!
बच्चों अब तो गर्मी जा रही है इनका काम कुछ ख़त्म हो जायेगा मगर अभी तक तो ये बहुत आनंद दिए -गोल मटोल जैसे भूमंडल -ग्लोब , एक बार घुमा दो तो लट्टू जैसे घूमते रहते हैं --
बच्चों अब तो गर्मी जा रही है इनका काम कुछ ख़त्म हो जायेगा मगर अभी तक तो ये बहुत आनंद दिए -गोल मटोल जैसे भूमंडल -ग्लोब , एक बार घुमा दो तो लट्टू जैसे घूमते रहते हैं --
फिर मिलेंगे
बाबा भ्रमर देव
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५
२६.०६.२०११
जल पी बी
बच्चे मन के सच्चे हैं फूलों जैसे अच्छे हैं मेरी मम्मा कहती हैं तुझसे जितने बच्चे हैं सब अम्मा के प्यारे हैं --

